Savings account में cash deposit और cash withdrawal दोनों की जो limit होती है, वो 10 लाख होती है। और ये जो limit है, वो one year के लिए होती है।
मतलब एक साल में आप maximum 10 लाख का cash deposit और cash withdrawal करवा सकते हो।
अब यहाँ एक important बात समझना ज़रूरी है। आप एक साल में 10 लाख से ज़्यादा का cash deposit और cash withdrawal भी savings account में करवा सकते हो, लेकिन उसके लिए आपके पास proper proof होना चाहिए।
अगर आपके पास proper proof नहीं है, तो Income Tax Department आपको notice भेज सकता है और penalty भी लग सकती है।
वो penalty कितनी होगी, वो मैं आपको थोड़ी देर में बताऊँगी।

अब मान लो आपके पास proper proof है, और आपकी transactions genuine हैं, और किसी reason से आपको cash withdrawal या cash transaction करनी ही पड़ रही है। ऐसे case में government आप पर TDS charge करेगी।
अब government कितना TDS लगाएगी, ये depend करता है कि आप अपनी Income Tax Return (ITR) time पर file करते हो या नहीं।
इसको example से समझते हैं।
मान लो आप अपनी ITR time पर file करते हो, और आपने एक साल में 1 करोड़ 10 लाख cash withdraw किया है अपने account से।
तो इस case में 1 करोड़ से ऊपर के 10 लाख पर 2% TDS लगेगा, जो कि 20,000 होता है।
अब मान लो आप अपनी ITR time पर file नहीं करते। उस case में आपको काफ़ी ज़्यादा TDS देना पड़ेगा।
Same example ले लेते हैं।
अगर आपने एक साल में 1 करोड़ 10 लाख cash withdraw किया है, तो 20 लाख से 1 करोड़, यानी 80 लाख पर 2% TDS लगेगा, जो कि 1.6 लाख होता है।
और 1 करोड़ से ऊपर का जो amount है, जो इस case में 10 लाख है, उस पर सीधा 5% TDS लगेगा, जो कि 50,000 होता है।
इस तरह total मिला कर आपको 2.1 लाख का TDS भरना पड़ेगा।
जबकि अगर आप ITR time पर file करते हो, तो आपको सिर्फ 20,000 का TDS देना पड़ता है।
इसका clear explanation नीचे दिए गए table में समझाया गया है।
| Case | ITR Status | Cash Withdrawal Amount | TDS Applicable On | TDS Rate | TDS Amount |
|---|---|---|---|---|---|
| Case 1 | ITR time पर फाइल की | 1,10,00,000 | 1 crore se upar 10 lakh | 2% | 20,000 |
| Case 2 – Part 1 | ITR time पर फाइल नहीं की | 1,10,00,000 | 20 lakh se 1 crore (80 lakh) | 2% | 1,60,000 |
| Case 2 – Part 2 | ITR time पर फाइल नहीं की | 1,10,00,000 | 1 crore se upar 10 lakh | 5% | 50,000 |
| Total (Case 2) | ITR time पर फाइल नहीं की | 1,10,00,000 | — | — | 2,10,000 |
आप सोचते हो कि “मैं 10 लाख से ज़्यादा की cash transaction करता ही नहीं हूँ। कौन इतने पंगे लेगा? 10 लाख की limit follow कर लो, कोई stress ही नहीं है।”
लेकिन आपको ये जानकर थोड़ा बुरा लगेगा कि 10 लाख की limit के अंदर भी government ने काफ़ी ज़्यादा restrictions लगा रखी हैं।
अब चलो restrictions समझते हैं।
सबसे पहली restriction ये है कि आपकी single cash transaction ₹2 लाख से ज़्यादा नहीं हो सकती। अगर ₹2 लाख से ज़्यादा की है, तो आपको उसका proper proof देना पड़ेगा। और अगर ये transaction real estate से related है, तो उस case में आप ₹20,000 से ज़्यादा cash transaction नहीं कर सकते।
हम सब जानते हैं कि real estate sector में कितना ज़्यादा black money involve होता है।
बहुत rare cases होते हैं जहाँ लोग actual value पर registry करवाते हैं।
ज़्यादातर cases में लोग registry सिर्फ 50–60% value पर ही करवाते हैं, ताकि उन्हें tax कम देना पड़े।
इसी वजह से government ने real estate transactions के लिए ₹20,000 की cash limit लगा रखी है।
ये सारी limits सिर्फ cash transactions पर हैं।
Non-cash transactions (UPI, NEFT, RTGS) पर ऐसी कोई limit नहीं है।
Conclusion
अगर आप या आपके family members कभी भी 50 लाख, 1 करोड़ या उससे ज़्यादा cash withdrawal plan कर रहे हो, तो पहले: अपनी ITR status check करें, Proper documentation ready रखें, ज़रूरत हो तो CA से consult करें ये छोटी सी planning आपको: बड़े TDS, Income Tax notice, और unnecessary tension से बचा सकती है।